सावन के पहले सोमवार को उदयपुर सहित आस-पास के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी। शिवभक्तों ने पूरे श्रद्धा भाव से भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की। खासतौर पर उदयपुर के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में अनूठा आयोजन देखने को मिला, जहां भगवान महाकाल को रजत पालकी में विराजमान कर मंदिर परिसर में भ्रमण कराया गया।
दोपहर के अभिजीत मुहूर्त में, जैसे ही “हर-हर महादेव” और “बम-बम भोले” के जयघोष गूंजे, मंदिर का माहौल भक्तिमय हो गया। भगवान के विग्रह रूप को चांदी की पालकी में सजाकर भक्तों के बीच घुमाया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने झूला झुलाकर महाकाल का स्वागत किया।
सावन का महीना शिवभक्तों के लिए अत्यंत पावन माना जाता है, और विशेषकर सावन के सोमवार को भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है। इसी अवसर पर महाकाल मंदिर में यह भव्य आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों की सहभागिता और उत्साह देखते ही बनता था। मंदिर परिसर में घंटियों की गूंज, धूप-दीप की सुगंध और जयकारों की आवाजों से आध्यात्मिक वातावरण बन गया।
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक था, बल्कि सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को भी जीवंत करता दिखा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करते हुए पूजा की और झूला झुलाकर अपने भाव प्रकट

