मुंबई नगर निगम (BMC) चुनाव के दौरान मतदान के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली स्याही को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने दावा किया है कि मतदाताओं की उंगली पर ऐसी स्याही लगाई जा रही है, जो आसानी से मिटाई जा सकती है। इस दावे को लेकर कांग्रेस के एक नेता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी साझा किया है।
हालांकि, राज्य चुनाव आयोग और बीएमसी प्रशासन ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर बेबुनियाद आरोप लगाने का पलटवार किया है।
गुरुवार को महाराष्ट्र में 29 नगर निगमों में चल रहे स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर उद्धव ठाकरे ने गंभीर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वोट डालने के बाद उंगली पर लगाई जाने वाली पक्की स्याही नेल पॉलिश रिमूवर और सैनिटाइजर से आसानी से हटाई जा सकती है, जिससे एक व्यक्ति के कई बार मतदान करने की आशंका पैदा होती है।
उद्धव ठाकरे ने इसे सत्तारूढ़ महायुति और राज्य चुनाव आयोग के बीच कथित मिलीभगत करार दिया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा, “यह शायद पहला चुनाव है, जहां इतनी बड़ी संख्या में शिकायतें मिल रही हैं कि स्याही तुरंत मिट जा रही है। यह चुनाव आयोग और सत्ताधारी दल की सांठगांठ को दर्शाता है।”
उन्होंने चुनाव आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए तंज भी कसा और सवाल उठाया कि क्या स्याही हटाने के लिए कोई विशेष “सैनिटाइजर एजेंसी” नियुक्त की गई है। ठाकरे ने कहा, “क्या चुनाव आयोग ने जानबूझकर ऐसी व्यवस्था की है? मुझे लगता है कि चुनाव आयुक्त की भूमिका की जांच होनी चाहिए। उन्होंने पिछले नौ वर्षों में आखिर किया क्या है?”

