आज वर्ल्ड हीमोफीलिया डे है। वर्ल्ड फेडेरेशन ऑफ हीमोफीलिया का अनुमान है कि दुनिया में लगभग 11 लाख लोगों को हीमोफीलिया है और इनमें से ज्यादातर लोग अनडाइग्नोज्ड हैं यानी उन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें हीमोफीलिया है। नेशनल ब्लीडिंग डिसऑर्डर्स का अनुमान है कि दुनिया में 4 लाख 18 हजार लोगों को गंभीर हीमोफीलिया है और उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।
हीमोफीलिया एक रेयर, अनुवांशिक ब्लड डिसऑर्डर है। इसमें शरीर में ब्लड की क्लॉटिंग के लिए जरूरी खास प्रोटीन की मात्रा बहुत कम हो जाती है या होती ही नहीं है। इस प्रोटीन को क्लॉटिंग फैक्टर भी कहते हैं।
जब क्लॉटिंग फैक्टर्स कम होते हैं या नहीं होते हैं तो चोट लगने या कट लगने पर खून नहीं रुकता है और बहता रहता है। इसे रोकना बहुत मुश्किल होता है। कई बार तो लोगों की मौत भी हो जाती है।

