रैवासा धाम में पूर्व अग्रपीठाधीश्वर स्वामी राघवाचार्य जी की स्मृति में आयोजित होने वाले ‘श्री सियपिय मिलन समारोह’ की तैयारियां जोरों पर हैं और अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। यह सात दिवसीय भव्य आयोजन 12 अगस्त से शुरू होकर 18 अगस्त तक चलेगा।
समारोह की शुरुआत श्री जानकीनाथ बड़ा मंदिर, रैवासा से होगी, जहां भजन-कीर्तन, राम कथा, प्रवचन, सत्संग, यज्ञ और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। हर दिन अलग-अलग धार्मिक गतिविधियां होंगी, जिनमें देशभर से आने वाले संत-महात्मा, विद्वान और श्रद्धालु भाग लेंगे।
समारोह का उद्देश्य न केवल स्वामी राघवाचार्य जी की आध्यात्मिक विरासत को सम्मान देना है, बल्कि रामभक्तों को एक साझा मंच पर लाना भी है, जहां वे भक्ति, प्रेम और सेवा की भावना के साथ एकत्रित हो सकें। आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए ठहरने, भोजन व चिकित्सा जैसी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित किया है।
स्थानीय ग्रामवासी भी आयोजन की तैयारियों में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं।
आयोजन से जुड़े संतों का कहना है कि यह मिलन समारोह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मिक ऊर्जा और सामाजिक एकता का भी प्रतीक है। रैवासा धाम इस दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर रहेगा।

