शनिवार को समाजवादी पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अधिकारियों के साथ मिलकर लोकतांत्रिक व्यवस्था की जड़ों को कमजोर कर रही है। मतदाता सूची में गड़बड़ियों का जिक्र करते हुए अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की वोटर लिस्ट इतनी “सेक्युलर” हो गई है कि कागज़ों में भगवान दास के घर पर मोहम्मद अफजल का नाम दर्ज किया जा रहा है। उन्होंने आउटसोर्सिंग के जरिए हो रही कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए।
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से जुड़े मामले को लेकर भी सपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को घेरा। अखिलेश यादव ने कहा कि जो लोग कालनेमी को याद करने की बात करते हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि कलयुग के कालनेमी कौन हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि आज के समय में विलेन कौन है, उसकी पहचान जरूरी है। अखिलेश ने कहा कि ऐसे लोगों पर कालनेमी काल बनकर आएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि बुराई के खिलाफ लगातार संघर्ष करना होगा, तभी जीत संभव है।
नोएडा के युवराज मेहता मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि घटना के समय मौके पर पहुंचे सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है, चाहे वे फायर ब्रिगेड के हों या पुलिस के। उन्होंने कहा कि डायल 100 सेवा का उद्देश्य पांच मिनट में मौके पर पहुंचना था, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस व्यवस्था को बर्बाद कर दिया। अखिलेश का आरोप है कि सरकार की लापरवाही के कारण यह पूरी प्रक्रिया भ्रष्टाचार का शिकार हो गई और उसी का नतीजा युवक की मौत के रूप में सामने आया।

