वाराणसी के मणिकर्णिका घाट से जुड़े विवाद को लेकर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला है। जौनपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने एआई वीडियो मामले में दर्ज मुकदमे को लेकर कहा कि प्रदेश में पूरी तरह जंगलराज है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जंगल के राजा की तरह काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जिसकी चाहे उस पर मुकदमा दर्ज करा सकती है।
अजय राय ने सवाल उठाया कि अहिल्याबाई होल्कर के परिवार से जुड़े यशवंत होल्कर द्वारा लेटर पैड पर लिखी गई बातों को क्या झूठा बताया जाएगा? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सच्चाई को दबाने का प्रयास कर रही है।
माघ मेले की घटना का जिक्र करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि गेरुआ वस्त्र पहने संत-महात्माओं की चोटी पकड़कर उन्हें घसीटा गया, जो सनातन धर्म का अपमान है। उन्होंने सतुआ महाराज पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री का आशीर्वाद प्राप्त है, जिसके चलते उन्हें वीआईपी सुविधाएं मिल रही हैं। जो लोग सरकार की जय-जयकार कर रहे हैं, उन्हें पूरा संरक्षण दिया जा रहा है।
अजय राय ने आरोप लगाया कि जो संत-महात्मा सरकार की असलियत जनता के सामने रख रहे हैं, उन्हीं का अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पालकी से नीचे उतरते तो उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने सवाल किया कि क्या अब मेला प्रशासन और सरकार तय करेगी कि कौन शंकराचार्य है?
उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यह वही सरकार है जो कोडीन सिरप से जुड़े लोगों को आशीर्वाद दे रही है। अजय राय ने तंज कसते हुए कहा कि अगर कोडीन जहरीली नहीं है तो सरकार खुद पीकर दिखाए।

