यह घटना उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल परिसर की है, जहाँ इटली से आई दो महिला पर्यटक भारतीय संस्कृति का अनुभव लेने के लिए पारंपरिक साड़ी पहनकर घूमने पहुंचीं। हालांकि, साड़ी पहनने की उन्हें आदत न होने के कारण दोनों को परेशानी का सामना करना पड़ा। ताजमहल परिसर में घूमते समय उनकी साड़ी बार-बार खुल रही थी, जिससे वे असहज महसूस कर रही थीं और खुद बार-बार साड़ी को ठीक करने की कोशिश कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही थी।
इस स्थिति को देख वहां तैनात एक महिला सुरक्षा कर्मी ने तुरंत उनकी मदद की। महिला सिपाही ने न केवल उनकी साड़ी ठीक ढंग से पहना दी, बल्कि उन्हें यह भी बताया कि साड़ी कैसे पहनी जाती है और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। यह छोटा सा दृश्य वहाँ मौजूद कई पर्यटकों के लिए एक सकारात्मक अनुभव बन गया।
इस घटना से यह भी साबित होता है कि भारत में पुलिसकर्मियों की भूमिका सिर्फ सुरक्षा तक ही सीमित नहीं है, बल्कि वे मानवीय संवेदनाओं के साथ लोगों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। ताजमहल जैसी अंतरराष्ट्रीय धरोहर पर आने वाले पर्यटकों को जब भारतीय संस्कृति अपनाने की कोशिश में सहयोग मिलता है, तो यह भारत की मेहमाननवाज़ी और संवेदनशीलता को दर्शाता है। साड़ी बांधने में सहायता कर महिला सिपाही ने एक छोटी-सी पर बेहद सराहनीय पहल की, जिसने भारतीय संस्कृति की गरिमा और मानवता की झलक पेश की।

