इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक नाबालिग मां और उसके बच्चे के मामले में फैसला सुनाया और दोनों को राजकीय शेल्टर होम से रिहा नहीं किया. दरअसल, ये मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया है, जहां एक लड़की की 3 जुलाई, 2025 को शादी हुई थी. उसने अपनी मर्जी से शादी की और शादी के महज 11 दिन बाद यानी 14 जुलाई, 2025 को उसने एक बेटे को जन्म भी दे दिया.
लड़की की हाई स्कूल की मार्कशीट के मुताबिक उसका जन्म 5 अक्टूबर, 2008 को हुआ था. यानी शादी के समय लड़की की उम्र सिर्फ 16 साल 9 महीने थी, जो कि कानून के मुताबिक नाबालिग मानी जाती है. इसी बीच लड़की के पिता ने बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराया था, जिसके बाद 22 जुलाई को लड़की के पति को गिरफ्तार कर लिया गया था और साथ ही लड़की को भी हिरासत में लेकर बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया.

