वाराणसी में गंगा नदी उफान पर है और जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि शहर के प्रमुख घाटों में से एक भी ऐसा नहीं बचा है जो पानी की चपेट में न आया हो। दशाश्वमेध, मणिकर्णिका, अस्सी, राजेन्द्र प्रसाद, और चेतसिंह घाट समेत सभी घाट पूरी तरह डूब चुके हैं।
सबसे बुरी स्थिति अस्सी घाट के पास के इलाकों में देखी जा रही है, जहां नदी का पानी आसपास की बस्तियों में घुस चुका है। यहां के कई मकान पहली मंजिल तक पानी में डूबे हुए हैं। लोग घरों में कैद होकर रहने को मजबूर हैं। कई परिवारों को खाने-पीने की चीजों की भी समस्या हो रही है। स्थिति को देखते हुए बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली की सप्लाई बंद कर दी है, जिससे लोगों को गर्मी और अंधेरे दोनों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। कई प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाकर राहत शिविरों में ठहराया गया है। इन शिविरों में खाने-पीने और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा नावों के जरिए फंसे हुए लोगों को निकालने का काम जारी है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर से अंदेशा है कि स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे न जाएं और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करें। एनडीआरएफ की टीमें भी मौके पर तैनात हैं।

