नगर निगम में चल रही कार्यशैली को लेकर एक बार फिर टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मेयर ने नगर आयुक्त को एक पत्र लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने नगर आयुक्त पर काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है और नगर निगम की हालिया बैठकों की कार्यवाही 48 घंटे के भीतर उपलब्ध कराने का आदेश दिया है।
मेयर का कहना है कि नगर निगम की विभिन्न बैठकों में लिए गए निर्णयों को अमल में नहीं लाया जा रहा है, जिससे निगम की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित से जुड़े कई अहम मुद्दों पर निगम प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इसके चलते जनता में नाराजगी बढ़ रही है और निगम की छवि पर भी असर पड़ रहा है।
मेयर ने पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि बैठकों में लिए गए निर्णयों को रिकॉर्ड करना और उसकी जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को समय पर देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और कार्यों में गति आए।
नगर आयुक्त को निर्देश दिया गया है कि पिछली बैठकों की संपूर्ण कार्यवाही की रिपोर्ट 48 घंटे के भीतर प्रस्तुत करें और भविष्य में इस तरह की लापरवाही न हो, इसके लिए उचित कदम उठाएं।
मेयर के इस पत्र के बाद नगर निगम में हलचल मच गई है और अब देखना यह होगा कि नगर आयुक्त इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और आगे क्या कार्रवाई होती है।

