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सावन अमावस्या 2024 पितृ शांति और आशीर्वाद का पावन पर्व

by | Jul 21, 2025 | धर्म

इस वर्ष सावन अमावस्या का पावन पर्व 24 जुलाई, गुरुवार को मनाया जाएगा। इसे हरियाली अमावस्या भी कहा जाता है और इसका धार्मिक व आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व होता है। श्रावण मास की अमावस्या तिथि को पितरों की आत्मा की शांति और उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए खास माना जाता है।

इस दिन प्रातःकाल उठकर पवित्र नदी, तालाब या घर में स्नान करने के बाद तर्पण, श्राद्ध और दान जैसे पुण्य कर्म किए जाते हैं। मान्यता है कि इन क्रियाओं से पूर्वज प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। तर्पण के माध्यम से पितरों को जल अर्पित किया जाता है और दान देने से आत्मा की संतुष्टि होती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन पितृ सूक्तम् का पाठ करना अत्यंत फलदायक माना गया है। यह पाठ न केवल पितरों को संतुष्ट करता है बल्कि घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि भी लाता है। खासकर जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष हो, उन्हें सावन अमावस्या पर विशेष रूप से ये कर्म करने चाहिए।

हरियाली अमावस्या पर्यावरण संरक्षण से भी जुड़ी हुई है। कई स्थानों पर इस दिन पौधरोपण की परंपरा भी निभाई जाती है। कुल मिलाकर, यह दिन आध्यात्मिक उन्नति, पितृ तृप्ति और पर्यावरण प्रेम का संगम है, जिसे श्रद्धा और भावना से मनाना चाहिए।

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