संसद के मानसून सत्र से ठीक एक दिन पहले केंद्र सरकार ने सभी राजनीतिक दलों की एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। इस बैठक का उद्देश्य संसद सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए विपक्ष और अन्य दलों का सहयोग सुनिश्चित करना है। सरकार चाहती है कि मानसून सत्र शांति से चले और विधायी कार्य बिना किसी रुकावट के पूरे किए जा सकें।
बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू समेत कई वरिष्ठ मंत्री शामिल हुए हैं। इसके साथ ही एनडीए घटक दलों और विपक्ष के प्रमुख नेताओं ने भी बैठक में भाग लिया है। संसद में विभिन्न दलों के नेता और उनके प्रतिनिधि भी बैठक में उपस्थित हैं।
यह बैठक ऐसे समय आयोजित की गई है जब विपक्ष सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरने की रणनीति बना रहा है। महंगाई, बेरोजगारी, कृषि से जुड़े मुद्दों, और हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर विपक्ष आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है। ऐसे में सरकार का यह कदम एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है ताकि सभी दलों के साथ संवाद स्थापित कर संसद की गरिमा बनाए रखी जा सके।
सर्वदलीय बैठकों की परंपरा हर सत्र से पहले होती रही है, लेकिन इस बार यह बैठक खास महत्व रखती है क्योंकि सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद गहराते जा रहे हैं। ऐसे में यह बैठक संसद सत्र के सौहार्दपूर्ण संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

