हम जब अपने पार्टनर को लेकर सोचते हैं तो हमारे मन में कुछ छवियां उभरती हैं। जैसे वह दिखने में कैसा होगा, बातें कैसी करता होगा और उसके सोचने-समझने का तरीका कैसा होगा। इसे हम अक्सर अपना ‘टाइप’ कहते हैं। यह ‘टाइप’ शारीरिक विशेषताओं से लेकर व्यक्तित्व और जीवनशैली तक हो सकता है।
हालांकि, जरूरी बात यह है कि क्या यह ‘टाइप’ हमें सही व्यक्ति खोजने में मदद करता है या इससे हम एक ही तरह के रिश्तों के पैटर्न में फंस जाते हैं।
जब कोई हमारी अपेक्षाओं पर खरा नहीं उतरता है तो हम ऐसे लोगों को अनदेखा कर देते हैं। भले ही उनके साथ हमारा रिश्ता समझदारी भरा और सार्थक हो सकता था। हालांकि, कई बार हमारे दायरे लोगों को फिल्टर करने के काम आते हैं।

