हमारे खानपान और लाइफस्टाइल का असर आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है. आज की जेनेरेशन में बच्चों को भी चश्मे की जरूरत होने लगी है. कई बार लोग अपनी आंखों को लेकर लापरवाही बरतते हैं, जो बाद में गंभीर हो सकता है. ऐसे में लोगों को आंखों की रोशनी के बारे में जागरुकता देने के मकसद से हर साल 1 से 7 अप्रैल को ब्लाइंडनेस वीक मनाया जाता है.
पनवेल के आर.जे शंकरा आई हॉस्पिटल में ग्लूकोमा कंसल्टेंट डॉ. रोशन कोलाको कहते हैं कि आंखों का नियमित ध्यान रखा जाए तो बढ़ती उम्र में भी रोशनी कम नहीं होगी. आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि आंखों की किस तरह से देखभाल करना फायदेमंद होगा.

