अभी कुछ दिनों पहले महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई वाली महायुति सरकार ने एक आदेश जारी किया था, जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि हिंदी को मराठी और अंग्रेजी-माध्यम स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक सामान्य रूप से तीसरी भाषा के रूप में पढ़ाया जाएगा। इस आदेश को जारी हुए एक सप्ताह हो चुका है। हालांकि हिंदी को तीसरी भाषा को रूप में पढ़ाना अनिवार्य नहीं है|
अब इसको लेकर प्रदेश में विपक्ष और सामाजिक दलों में हिंदी के प्रति एक अलग ही घृणा देखी जा रही है| शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने अलग-अलग प्रेस कॉन्फ्रेंस कर विरोध प्रदर्शन करने की घोषणा की। बता दें कि राज ठाकरे ने 5 तो वहीं उद्धव ने 7 जुलाई को प्रदर्शन का ऐलान किया|
✅ मुख्य जानकारी:
- राज ठाकरे ने घोषणा की है कि 5 जुलाई 2025 को मुंबई में गरिमा मोर्चा निकाला जाएगा। यह मार्च गिरगांव चौपाटी से अज़ाद मैदान तक होगा, जिसमें “कोई पार्टी झंडा नहीं होगा, सिर्फ मराठी अस्मिता और भाषा की रक्षा” का नारा होगा|
- उद्धव ठाकरे (शिवसेना UBT) ने अपने चचेरे भाई राज ठाकरे की रैली का समर्थन किया। इसके अलावा, उन्होंने 7 जुलाई 2025 को अज़ाद मैदान में बैठे-आन्दोलन (सिट-इन) का आह्वान किया है, जिसे गहरे सामाजिक-शैक्षणिक मंच (Tribhasha Sutra Anti-Third Language Coordination Committee) द्वारा संपन्न किया जा रहा है|
🎯 विरोध का उद्देश्य:
- यह विरोध सैद्धांतिक है—मराठी राज्य में हिंदी को जबरन थोपने की नीति का विरोध। दोनों नेताओं ने इसे “भाषाई आपातकाल” करार दिया है ।
- आयोजनों में राजनैतिक झंडों की अनुपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी ताकि यह “अराजनीतिक, मराठी अस्मिता रैली” साबित हो सके ।
🗓️ तिथियों का ठीक सही विवरण:
| नेता | तिथि | आयोजन स्थान |
|---|---|---|
| राज ठाकरे | 5 जुलाई 2025 | गिरगांव चौपाटी → अज़ाद मैदान |
| उद्धव ठाकरे | 7 जुलाई 2025 | अज़ाद मैदान (गणतंत्र स्तंभ/हुतात्मा स्मारक) — “सिट‑इन” आंदोलन |

