झारखंड की राजधानी रांची के RIMS (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) इस समय बहुत ही कठिनाईयों से जूझ रहा है| इसका कारण अस्पताल की लचर व्यवस्था नहीं बल्कि निजी अस्पतालों की लापरवाही है| ऐसा इसलिए है क्योंकि ये निजी अस्पताल जो पहले इलाज के नाम पर मरीजों के परिजनों का आर्थिक रूप से शोषण करते है और इसके बाद मरीज की हालत नाजुक होने पर उन्हें गंभीर अवस्था में रिम्स रेफर कर देते हैं|जानकारी के अनुसार, रिम्स पहुंचने वाले अधिकांश मरीज ऐसे होते हैं, जो गंभीर बीमारियों से जूझ रहे होते हैं|फिर ये अस्पताल तब उन्हें रिम्स रेफर करते हैं, जब मरीज अपने जीवन की अंतिम सांसें गिन रहे होते हैं|
रिम्स के क्रिटिकल केयर विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, केवल बीते तीन महीनों में 250 मरीजों को गंभीर अवस्था में भर्ती किया गया| इनमें से 60 मरीज विभिन्न निजी अस्पतालों से रेफर होकर आये थे|

