चैत्र नवरात्रि के सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होती है, जो अंधकार को दूर करने वाली और सभी शत्रुओं का नाश करने वाली हैं। कहा जाता है कि, मां कालरात्रि की पूजा से जीवन में सभी संकटों से मुक्ति मिलती है और भक्तों को शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
माता का गंगाजल से अभिषेक करें। मैया को अक्षत, लाल चंदन, चुनरी, सिंदूर, पीले और लाल पुष्प अर्पित करें। सभी देवी-देवताओं का जलाभिषेक कर फल, फूल और तिलक लगाएं। प्रसाद के रूप में फल और मिठाई चढ़ाएं। घर के मंदिर में धूपबत्ती और घी का दीपक जलाएं। दुर्गा सप्तशती और दुर्गा चालीसा का पाठ करें। फिर पान के पत्ते पर कपूर और लौंग रख माता की आरती करें। अंत में क्षमा प्रार्थना करें।
मां कालरात्रि को गुड़ का भोग प्रिय है। ऐसे में पूजा के समय मां कालरात्रि को गुड़, गुड़ की खीर या गुड़ से बनी चीज का भोग लगाना चाहिए। कहते हैं कि ऐसा करने से मां का आशीर्वाद प्राप्त होता है

