लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल में सोमवार रात आग लगने से एक मरीज की मौत हो गई। करीब 200 मरीजों को अन्य अस्पतालों में शिफ्ट किया गया। आग लगने के बाद ऑन ड्यूटी डॉक्टर और स्टाफ मौके से भाग गए। कर्मचारियों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन फायर एक्सटिंग्युशर काम करने में कामयाब रहे।
अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, 1 अप्रैल यानी 15 दिन पहले नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड्स (NQAS) की टीम ने अस्पताल में जांच की थी, जिसमें कुछ खामियां सामने आई थीं। फायर नोडल इंचार्ज को इन्हें सुधारने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन उन्हें समय रहते दुरुस्त नहीं किया गया। इसके अलावा, 25 जनवरी को अस्पताल की फायर NOC की अवधि समाप्त हो गई थी।

