Nepal Flood News: नेपाल में भोटे कोशी और त्रिशूली नदी कॉरिडोर में आई भीषण बाढ़ के बाद रेस्क्यू और राहत अभियान तेज कर दिया गया है। इस बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय तीर्थयात्रियों ने अपनी जान बचने की ऐसी कहानियां साझा की हैं, जिन्हें सुनकर किसी की भी रूह कांप जाए। विशाखापत्तनम के एक तीर्थयात्री के मुताबिक, कुछ मिनटों के लिए चाय पीने के लिए रुकना उनके पूरे समूह के लिए जिंदगी और मौत के बीच का फर्क साबित हुआ।
चाय पीने के लिए रुके, पीछे की दो बसें बह गईं
तीर्थयात्री गडा एलावेनी ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में बताया कि उनका समूह काठमांडू से करीब तीन घंटे का सफर तय करने के बाद चाय पीने के लिए रुका था। इसी दौरान उन्हें पता चला कि उनसे लगभग आधे घंटे पहले रवाना हुई दो बसें बाढ़ के पानी में बह गईं या लापता हो गईं।
उन्होंने कहा कि उनके समूह में तीन बसें थीं और चाय के लिए रुकने की वजह से सभी यात्री सुरक्षित बच गए। एलावेनी ने कहा कि उन्हें यात्रा के दौरान दर्शन नहीं मिल सके, लेकिन उनके लिए सबसे बड़ी बात यह रही कि वे सुरक्षित अपने घर लौट सके।
वीजा में देरी ने भी बदली यात्रा की टाइमिंग
DLDA के चेयरमैन गाडू वेंकटप्पा ने भी बताया कि वीजा मिलने में हुई देरी और फ्लाइट शेड्यूल में बदलाव ने अनजाने में उनके समूह को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में मौजूद खतरे से दूर रखा।
वेंकटप्पा के मुताबिक, उनका समूह 21 अगस्त की रात रवाना हुआ था। दिल्ली होते हुए वे काठमांडू पहुंचे और मूल योजना के मुताबिक अगले दिन मानसरोवर यात्रा शुरू करनी थी। हालांकि, चीन का वीजा मिलने में देरी के कारण उन्हें काठमांडू में तीन दिन रुकना पड़ा।
उन्होंने बताया कि वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद कुछ सदस्यों को दिल्ली से काठमांडू पहुंचना था। फ्लाइट में बदलाव के कारण वे निर्धारित समय से बाद में पहुंचे। वेंकटप्पा के अनुसार, अगर वे तय समय पर पहुंच जाते तो उनका समूह सुबह करीब 3 बजे यात्रा शुरू कर चुका होता और उस वक्त वह चीनी दूतावास के पास मौजूद होता, जहां अचानक बाढ़ आई थी।
उन्होंने कहा कि यात्रा कुछ घंटे देर से शुरू होने के कारण उनका समूह उस खतरनाक इलाके में उस समय मौजूद नहीं था और इस तरह एक बड़ी आपदा से बच गया।
चीन बॉर्डर ब्रिज के पास लैंडस्लाइड, ड्राइवर ने बचाई जान
वेंकटप्पा के भाई गरुड़प्पा नायडू ने भी यात्रा के दौरान बाल-बाल बचने की घटना बताई। उनके मुताबिक, उनकी गाड़ी चीन बॉर्डर ब्रिज से करीब 50 से 100 मीटर दूर थी, तभी अचानक जोरदार लैंडस्लाइड हुआ।
दूसरी तरफ से आ रहे एक टेंपो चालक ने चिल्लाकर उन्हें खतरे की चेतावनी दी। आवाज सुनते ही बस चालक ने तुरंत वाहन को ऊंचाई की ओर मोड़ा और सभी यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
गरुड़प्पा नायडू के मुताबिक, घटना के बाद कुछ समय के लिए उनके परिवार से संपर्क टूट गया था। बाद में उनके भाई ने खुद फोन कर सभी के सुरक्षित होने की जानकारी दी।
28 यात्रियों का समूह था शामिल
गाडू वेंकटप्पा ने बताया कि उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्य एक निजी ट्रैवल ऑपरेटर के जरिए कैलाश मानसरोवर यात्रा पर निकले थे। उनके परिवार के आठ सदस्यों समेत कुल 28 लोग इस समूह में शामिल थे।
वीजा मिलने में देरी के कारण समूह को काठमांडू में तीन दिन रुकना पड़ा। इसके बाद मानसरोवर के लिए रवाना होने के दौरान रास्ते में टॉयलेट और चाय के लिए रुकने की वजह से कुछ देर हुई। यही देरी बाद में उनके लिए जीवनरक्षक साबित हुई।
84 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया
इस बीच नेपाल में बाढ़ प्रभावित इलाकों में भारत और नेपाल की एजेंसियों का संयुक्त राहत एवं बचाव अभियान जारी है। विदेश मंत्रालय (MEA) के मुताबिक, अब तक 84 भारतीय नागरिकों को प्रभावित क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला गया है।
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि इनमें तमिलनाडु के 21 नागरिक शामिल हैं, जो भारत लौट चुके हैं। इसके अलावा त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले 63 भारतीय कर्मचारियों को भी सुरक्षित निकाला गया है।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 149 भारतीय नागरिक चीन से सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं, जबकि करीब 400 भारतीय चीन की तरफ सुरक्षित हैं और भारतीय दूतावास उनके संपर्क में है। टेलीकम्युनिकेशन व्यवस्था बाधित होने के कारण करीब 320 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए प्रयास जारी हैं।

आशीष कुमार सिंह पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने भारत टाइमिंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में स्थापना काल से ही अपना योगदान दिया है। स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते हुए वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजनीति पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण करते हैं।राष्ट्रीय राजनीति उनकी विशेष रुचि का विषय है। वे समसामयिक घटनाओं, राजनीतिक विकास और जनहित के मुद्दों पर तथ्यात्मक व निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं। समाचार पुलिस वेबसाइट पर उनके लेख और रिपोर्ट्स पाठकों को राष्ट्रीय मुद्दों की सही जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।आशीष कुमार सिंह का उद्देश्य सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जनहित को ध्यान में रखकर पत्रकारिता करना है।
