Delhi News: दिल्ली सरकार राजधानी के वरिष्ठ नागरिकों के लिए ‘वयो आनंद’ योजना शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत दिल्ली में ऐसे मनोरंजन केंद्र विकसित किए जाएंगे, जहां बुजुर्गों को स्वास्थ्य, मनोरंजन और सामाजिक गतिविधियों की सुविधाएं एक ही जगह पर मिल सकेंगी। सरकार का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को उनके घर के आसपास सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराना है, ताकि वे अकेलेपन से दूर रहकर सामाजिक रूप से सक्रिय रह सकें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को कहा कि बुजुर्ग समाज की अमूल्य धरोहर हैं। उनकी गरिमा, बेहतर स्वास्थ्य, सक्रिय जीवनशैली और सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि ‘वयो आनंद’ योजना के जरिए वरिष्ठ नागरिकों को अपने हमउम्र लोगों के साथ समय बिताने और सक्रिय सामाजिक जीवन जीने का अवसर मिलेगा।
कैरम-लूडो से लेकर योग और मेडिटेशन तक की सुविधा
प्रस्तावित मनोरंजन केंद्रों में बुजुर्गों के लिए कैरम और लूडो जैसे इनडोर गेम्स की सुविधा होगी। केंद्रों में पर्याप्त बैठने की व्यवस्था के साथ पंखे, कूलर, टीवी और कंप्यूटर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा अखबार, पत्रिकाएं और किताबें भी रखी जाएंगी।
वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग और ध्यान के सत्र आयोजित किए जाएंगे। साथ ही फिटनेस और स्वास्थ्य संबंधी कक्षाएं, कहानी सुनाने के सत्र, पेंटिंग, क्राफ्ट और पॉटरी जैसी गतिविधियां भी कराई जाएंगी। योजना में आउटडोर टूर और अन्य मनोरंजक कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
हर महीने लगेगा मेडिकल कैंप, इमरजेंसी में भी मिलेगी मदद
‘वयो आनंद’ केंद्रों में हर महीने मेडिकल कैंप आयोजित किए जाएंगे। प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट-एड किट की व्यवस्था भी रहेगी। बुजुर्गों को पोषण संबंधी सलाह देने के साथ स्वास्थ्य और फिटनेस से जुड़ी गतिविधियां भी कराई जाएंगी।
आपात स्थिति में जल्द सहायता उपलब्ध कराने के लिए इन केंद्रों का संपर्क आसपास के पुलिस थानों और अस्पतालों से रखा जाएगा। इससे स्वास्थ्य या सुरक्षा से जुड़ी किसी आपात स्थिति में बुजुर्गों को तत्काल मदद मिल सकेगी।
वरिष्ठ महिलाओं और दिव्यांग बुजुर्गों की जरूरतों पर भी जोर
सरकार के मुताबिक, केंद्रों में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, विश्व वरिष्ठ नागरिक दिवस और राष्ट्रीय त्योहारों जैसे विशेष अवसरों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इन कार्यक्रमों और केंद्रों की सुविधाओं को तैयार करते समय वरिष्ठ महिलाओं, दिव्यांग बुजुर्गों और ट्रांसजेंडर वरिष्ठ नागरिकों की जरूरतों का भी ध्यान रखा जाएगा। केंद्रों के लिए ग्राउंड फ्लोर की जगहों को प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसे भवनों को भी वरीयता मिलेगी जहां लिफ्ट की सुविधा उपलब्ध हो।
सप्ताह में कम से कम पांच दिन खुले रहेंगे केंद्र
योजना के तहत मनोरंजन केंद्रों को सप्ताह में कम से कम पांच दिन संचालित करना अनिवार्य होगा। इन्हें प्रतिदिन न्यूनतम सात घंटे खुला रखना होगा। केंद्रों के संचालन का समय सुबह 7 बजे से रात 8 बजे के बीच रखा जा सकेगा, ताकि वरिष्ठ नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार यहां पहुंच सकें।
केंद्र संचालकों को हर महीने 20 हजार रुपये की सहायता
दिल्ली सरकार सामुदायिक स्थानों पर ऐसे मनोरंजन केंद्र चलाने वाले निजी ऑपरेटरों और संगठनों को आर्थिक सहायता भी देगी। आरडब्ल्यूए, केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना से जुड़े केंद्र और चौपाल जैसे सामुदायिक स्थान भी योजना के दायरे में आ सकते हैं।
अधिकारियों के अनुसार, पात्र मनोरंजन केंद्र में कम से कम 200 सदस्य ऐसे होने चाहिए, जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक हो। पात्र केंद्रों को एक वित्तीय वर्ष में 2.40 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी, यानी हर महीने 20 हजार रुपये। यह राशि साल में दो बराबर छमाही किस्तों में जारी की जाएगी।
सरकार का कहना है कि ‘वयो आनंद’ योजना का उद्देश्य बुजुर्गों को केवल मनोरंजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें अकेलेपन से बाहर निकालकर अपने हमउम्र लोगों के साथ सक्रिय और सम्मानजनक सामाजिक जीवन जीने का अवसर देना भी है।

आशीष कुमार सिंह पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने भारत टाइमिंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में स्थापना काल से ही अपना योगदान दिया है। स्वतंत्र पत्रकार के रूप में काम करते हुए वे मुख्य रूप से राष्ट्रीय राजनीति पर गहन रिपोर्टिंग और विश्लेषण करते हैं।राष्ट्रीय राजनीति उनकी विशेष रुचि का विषय है। वे समसामयिक घटनाओं, राजनीतिक विकास और जनहित के मुद्दों पर तथ्यात्मक व निष्पक्ष पत्रकारिता करते हैं। समाचार पुलिस वेबसाइट पर उनके लेख और रिपोर्ट्स पाठकों को राष्ट्रीय मुद्दों की सही जानकारी उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।आशीष कुमार सिंह का उद्देश्य सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और जनहित को ध्यान में रखकर पत्रकारिता करना है।

