August 30, 2026 | 11 : 17 AM

बड़ी खबर

ट्रेंडिंग

राज्य न्यूज़

‘पर्याप्त सबूत नहीं’, दिल्ली HC ने पिनाकी मिश्रा के खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही की रद्द

by | Aug 29, 2026 | ट्रेंडिंग, बड़ी ख़बरें

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने बीजू जनता दल (BJD) के पूर्व लोकसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता पिनाकी मिश्रा के खिलाफ चल रही आपराधिक मानहानि की कार्यवाही को रद्द कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामले में कथित आपत्तिजनक बयान को मिश्रा से जोड़ने के लिए पर्याप्त आधारभूत और स्वतंत्र साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।

जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि उपलब्ध सामग्री के आधार पर आपराधिक कार्यवाही जारी रखने से न्याय के उद्देश्य पूरे नहीं होंगे। अदालत ने माना कि पर्याप्त प्रथमदृष्टया सामग्री के अभाव में पिनाकी मिश्रा को आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया से गुजरने के लिए बाध्य करना उचित नहीं होगा।

2018 में बार काउंसिल में शिकायत से शुरू हुआ मामला

यह मामला अधिवक्ता सिद्धार्थ सिंह की शिकायत से जुड़ा है। सिंह ने अगस्त 2018 में दिल्ली बार काउंसिल के समक्ष पिनाकी मिश्रा पर पेशेवर कदाचार के आरोप लगाए थे। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि मिश्रा ने ई-कचरा नियमों के मुद्दे पर अलग-अलग मंचों पर विरोधाभासी रुख अपनाया था।

सिंह के मुताबिक, मिश्रा ने पहले एक संसदीय समिति के समक्ष इस मुद्दे पर एक रुख रखा और बाद में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) में बिजली वितरण कंपनियों का प्रतिनिधित्व करते हुए अलग रुख अपनाया। मिश्रा ने इन आरोपों से इनकार करते हुए सिंह को कथित तौर पर ‘धोखेबाज’ और ‘ब्लैकमेलर’ कहा था।

इसके बाद सिद्धार्थ सिंह ने 2019 में दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में पिनाकी मिश्रा के खिलाफ आपराधिक मानहानि की दो शिकायतें दर्ज कीं। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों मामलों में मिश्रा को 20 अप्रैल 2019 को पेश होने के लिए समन जारी किया था।

कोर्ट ने कहा- प्रतिष्ठा को नुकसान का दावा पर्याप्त नहीं

हाई कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई स्वतंत्र साक्ष्य नहीं है, जिससे प्रथमदृष्टया यह साबित हो सके कि कथित बयान के कारण शिकायतकर्ता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। अदालत ने यह भी कहा कि प्री-समनिंग स्टेज पर सिद्धार्थ सिंह ने खुद को ही गवाह के रूप में पेश किया था।

अदालत के मुताबिक, केवल प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचने का दावा आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू करने के लिए पर्याप्त कानूनी आधार नहीं है। इसके लिए कथित मानहानिकारक बयान और आरोपी के बीच पर्याप्त प्रमाणित संबंध होना जरूरी है।

ऑनलाइन रिपोर्ट की प्रामाणिकता पर भी उठे सवाल

सिद्धार्थ सिंह की शिकायत डेलीहंट पर प्रकाशित एक ऑनलाइन रिपोर्ट पर आधारित थी, जिसमें पिनाकी मिश्रा के हवाले से उन्हें कथित तौर पर ‘धोखेबाज’ कहा गया था। हालांकि, मिश्रा ने ऐसा कोई इंटरव्यू देने से इनकार किया था।

उन्होंने मार्च 2019 में ओडिशा पोस्ट के संपादक को लिखे एक पत्र का भी हवाला दिया था, जिसमें कथित बयान को लेकर स्पष्टीकरण प्रकाशित करने की मांग की गई थी।

हाई कोर्ट ने यह भी पाया कि मजिस्ट्रेट ने न तो संबंधित प्रकाशन की स्वतंत्र जांच की और न ही रिपोर्टर की गवाही या जांच कराई। अदालत के अनुसार, ऐसी जांच से कम से कम प्रथमदृष्टया यह स्पष्ट हो सकता था कि कथित बयान वास्तव में पिनाकी मिश्रा ने दिया था या नहीं।

इन परिस्थितियों में हाई कोर्ट को पिनाकी मिश्रा को कथित टिप्पणियों से जोड़ने वाला कोई स्वतंत्र और पर्याप्त प्रमाण नहीं मिला। इसी आधार पर अदालत ने उनके खिलाफ आपराधिक मानहानि की कार्यवाही को रद्द कर दिया।

वीडियो

शिव-पार्वती विवाह स्थली Triyuginarayan Temple में जोड़े ने लिए सात फेरे

https://youtube.com/shorts/sCNY-H_ShEw उत्तराखंड में बर्फबारी में भी कई जोड़े शादी के बंधन में बंधे। भगवान शिव पार्वती के विवाह स्थल त्रियुगीनारायण में बीते दिन भारी बर्फबारी के बीच सात जोड़े शादी के बंधन में बंधे। वहीं चमोली जिले के जंगलचट्टी गांव में बर्फबारी के बीच...

Kalindi Kunj में 10 दिन से लापता मासूम की नाले में मिली लाश, पुलिस पर लगे लापरवाही के आरोप

https://youtu.be/-wcCwkHnIYs दिल्ली के कालिंदी कुंज थाना इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। 10 दिनों से लापता तीन साल के मासूम बच्चे की लाश नाले से बरामद हुई है। परिजनों का आरोप है कि अगर पुलिस समय रहते कार्रवाई करती, तो आज मासूम की जान बचाई जा सकती थी।...

क्राइम

मनोरंजन

राज्य न्यूज़

Link

स्पोर्ट्स

वेब स्टोरीज

धर्म

पॉडकास्ट

राजनीति

क्राइम

खेल समाचार

मनोरंजन

स्वास्थ्य समाचार

धर्म कर्म