मुंबई समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में मेयर पद के आरक्षण को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। नगर विकास विभाग 22 जनवरी को मेयर पद के आरक्षण की लॉटरी प्रक्रिया आयोजित करेगा। इसी प्रक्रिया के जरिए यह तय होगा कि मुंबई सहित संबंधित महानगरपालिकाओं में मेयर पद किस वर्ग—जनरल, ओबीसी, एससी, एसटी या महिला—के लिए आरक्षित होगा।
बीएमसी चुनाव नतीजों के ऐलान के बाद से ही मुंबई मेयर पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां बढ़ी हुई हैं। आरक्षण की लॉटरी के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि किस वर्ग का निर्वाचित पार्षद मेयर बनने का पात्र होगा। उदाहरण के तौर पर, यदि मुंबई में मेयर पद जनरल वर्ग के लिए आरक्षित होता है, तो उसी वर्ग से आने वाले पार्षद को मेयर चुना जाएगा।
पूर्व पत्रकार और शिवसेना (यूबीटी) के नेता हर्षल प्रधान ने बताया कि यही आरक्षण नियम राज्य की सभी महानगरपालिकाओं में समान रूप से लागू होगा।

