मकर संक्रांति के अवसर पर जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) प्रमुख तेज प्रताप यादव ने पटना स्थित अपने आवास पर पारंपरिक दही-चूड़ा भोज का आयोजन किया। इस भोज में उन्होंने सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई नेताओं को व्यक्तिगत रूप से निमंत्रण दिया था।कार्यक्रम में लालू प्रसाद यादव, उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा, पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस, मंत्री अशोक चौधरी, पूर्व सांसद साधु यादव और प्रभुनाथ यादव जैसे कई प्रमुख लोग शामिल हुए। हालांकि, छोटे भाई और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव इस भोज में नहीं पहुंचे। तेज प्रताप ने मीडिया से बातचीत में कहा, “तेजस्वी थोड़ा देर से सोकर उठते हैं।
मैं रात 9 बजे तक उनका इंतजार करूंगा।” उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में यह भी कहा कि “शायद उन्हें जयचंद ने घेर लिया होगा, इसलिए नहीं आए।” तेज प्रताप ने आगे कहा कि मीडिया खुद तेजस्वी से पूछ सकता है कि आने का मन था या नहीं।उन्होंने यह भी जिक्र किया कि उनकी मां राबड़ी देवी नहीं आईं, लेकिन पिता लालू प्रसाद आए और आशीर्वाद दिया। तेज प्रताप ने इस दौरान RJD को “जयचंदों की पार्टी” बताते हुए कुछ राजनीतिक बयान भी दिए, लेकिन मुख्य फोकस परिवारिक और पारंपरिक भोज पर रहा।(नोट: यह खबर 14 जनवरी 2026 की घटना पर आधारित है, जहां तेज प्रताप ने RJD से अलग होकर अपनी पार्टी बनाई है और राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा चल रही है।)

