उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गंगा घाटों पर छठ पूजा से पहले बनने वाले बेदियों को लेकर एक अजीबो-गरीब नजारा देखने को मिल रहा है. यहां के गंगा घाट पर छठ व्रती महिलाओं या फिर उनके परिवार के लोग आकर बेदी बना रहे हैं. इस दौरान वह बेदी की सुरक्षा के लिए गणेश लक्ष्मी की मूर्ति तैना कर रहे हैं. इस तरह का नजारा गाजीपुर के नवापुरा गंगा घाट पर पिछले कई सालों से देखने को मिल रहा है. लोगों की मान्यता है कि गणेश-लक्ष्मी की मूर्ति उनके बेदी की सुरक्षा करती हैं.
दिवाली के बाद से ही छठ महापर्व की तैयारियां जोरों-शोरों से शुरू हो जाती हैं. चाह दिनों तक चलने वाले महापर्व नहाए खाए से शुरू जाता है. उसके पहले गंगा घाट, नदी तालाब, पोखरे या फिर ऐसी जगह जहां पर व्रती महिलाएं छठ का पूजा करेंगी, वहां पर बेदी बनाने की परंपरा रहती है. गाजीपुर जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर बेदी बनाई जा रही है. वैसे तो बेदी लगभग सभी गंगा घाट और नदी, तालाब के किनारे बनाए जा रहे हैं. लेकिन गाजीपुर के नवापुर गंगा घाट के किनारे पिछले कई सालों से अजीबो-गरीब तरीके से बेदी का निर्माण की जा रहा है.

