सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को हुई अप्रत्याशित घटना को लेकर एक नया दावा सामने आया है। चीफ जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की बेंच में शामिल जस्टिस बी.आर. गवई पर जूता फेंकने की कोशिश करने वाले वरिष्ठ वकील राकेश किशोर ने कहा है कि उन्होंने यह कदम ‘दैवीय शक्ति’ के निर्देश पर उठाया था और उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
72 वर्षीय किशोर के इस व्यवहार की उनके परिवार ने भी निंदा की है और इसे अनुचित ठहराया है। घटना के बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ की, लेकिन चीफ जस्टिस की सिफारिश पर चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।
यह घटना तब हुई जब सुप्रीम कोर्ट में एक सुनवाई चल रही थी। कोर्ट की गरिमा को भंग करने वाली इस हरकत को लेकर अब कानूनी और नैतिक बहस शुरू हो गई है।

