शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय लेख में संघ की विचारधारा, राष्ट्रवाद और हिंदुत्व की व्याख्या पर सवाल उठाए गए हैं।
संपादकीय में लिखा गया है कि संघ की भूमिका भारत के स्वतंत्रता संग्राम और उसके बाद के राष्ट्र निर्माण में नजर नहीं आती। लेख में कहा गया, “राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के डीएनए में कैसा राष्ट्रवाद और हिंदुत्व है, इस पर गहराई से शोध किए जाने की जरूरत है।”
शिवसेना का आरोप है कि वर्तमान केंद्र सरकार संघ के दृष्टिकोण को लागू करने की दिशा में काम कर रही है। लेख में दावा किया गया है कि यह शासन सहिष्णुता पर आधारित नहीं बल्कि एक कट्टर विचारधारा को बढ़ावा देने वाला है। सामना में यह भी आरोप लगाया गया कि सरकार की नीतियां देश को “हिंदू राष्ट्र” की दिशा में ले जाने की कोशिश कर रही हैं, जो भारत के लोकतांत्रिक ढांचे और नागरिक स्वतंत्रताओं के लिए खतरा बन सकती हैं।
संपादकीय में यह भी टिप्पणी की गई कि संघ और उसके समर्थक राष्ट्रवाद व स्वतंत्रता संग्राम की व्याख्या अपने दृष्टिकोण से करते हैं, जबकि उनका ऐतिहासिक योगदान सीमित रहा है।
