प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मणिपुर के दौरे पर पहुंचे। यह दौरा राज्य में कुकी और मैतेई समुदायों के बीच हुई जातीय हिंसा के बाद उनका पहला दौरा है। दो साल बाद मणिपुर की धरती पर कदम रखते हुए पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य के विकास और शांति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
पीएम मोदी की यात्रा का दोनों समुदायों ने स्वागत किया, लेकिन उनकी मांगें एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं।
कुकी समुदाय ने मणिपुर से अलग होकर अपने क्षेत्रों को केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा देने की मांग की है। उनका कहना है कि यह मांग केवल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं, बल्कि समुदाय की सुरक्षा, शांति और अस्तित्व के लिए ज़रूरी है। समुदाय के नेताओं ने लोगों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री की यात्रा में सक्रिय रूप से शामिल हों।
दूसरी ओर, मैतेई समुदाय ने कुकी समुदाय की इस मांग का विरोध किया है। उन्होंने केंद्र सरकार से राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की मांग की है, ताकि राज्य में अवैध प्रवासियों की पहचान की जा सके।
प्रधानमंत्री की इस यात्रा को मणिपुर में शांति बहाल करने और सभी पक्षों से संवाद स्थापित करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

