कानपुर में पांच साल पहले हुए बिकरू कांड से सबक न लेते हुए एक बार फिर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। ताजा मामला नवाबगंज क्षेत्र का है, जहां एक वांछित अधिवक्ता अनूप शुक्ला को दबिश से पहले भगाने का आरोप दो पुलिसकर्मियों पर लगा है।
आरोप है कि जागेश्वर मंदिर चौकी इंचार्ज आदित्य बाजपेई और एक सिपाही ने अनूप को दबिश की सूचना पहले ही दे दी, जिससे वह मौके से फरार हो गया। रविवार को इस पूरे घटनाक्रम का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस आयुक्त अखिल कुमार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को निलंबित कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
यह घटना 12 जून की बताई जा रही है। एसीपी कर्नलगंज अमित सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नवाबगंज निवासी अधिवक्ता अनूप शुक्ला के घर छापा मारा था। अनूप, अधिवक्ता दीनू उपाध्याय उर्फ धीरज के गैंग का कथित सदस्य है, जो जमीन कब्जे और रंगदारी के मामलों में सक्रिय बताया जाता है। दीनू को पुलिस पहले ही पिंटू सेंगर हत्याकांड में जेल भेज चुकी है, और उसके बाद से अनूप फरार चल रहा था।
सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, दबिश से ऐन पहले अनूप को भागते हुए देखा गया, जिससे शक और भी गहरा गया कि उसे पुलिस कार्रवाई की जानकारी पहले ही मिल गई थी।

