गरीबों का खून चूसकर नेता बनने की साजिश! बंटी-बबली जोड़ी राहुल-शिल्पी पर 1.08 करोड़ ठगी का आरोप, CM योगी तक पहुंचा मामला
फरार लविश चौधरी का दाहिना हाथ बेनकाब: गोंडा के राहुल सिंह चौहान-शिल्पी सिंह पर Botbro पर हजारों करोड़ ठगी का शक, ED-STF सक्रिय
गोंडा में बंटी-बबली जोड़ी का खूंखार चेहरा बेनकाब: Botbro-TLC 2.0 पर हजारों करोड़ ठगी, CM योगी की जीरो टॉलरेंस की बड़ी परीक्षा
गोंडा के कर्नलगंज थाने में दर्ज क्रिप्टो निवेश ठगी के मामले ने गोंडा समेत पूरे प्रदेश को हिला दिया है। “बंटी-बबली” जोड़ी के नाम से मशहूर राहुल सिंह चौहान और उनकी पत्नी शिल्पी सिंह पर 1.08 करोड़ रुपये की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। सूत्रों के अनुसार, राहुल सिंह चौहान फरार क्रिप्टो माफिया लविश चौधरी का भारत में दाहिना हाथ माना जा रहा है।पीड़ितों की सामूहिक तहरीर के मुताबिक, “बंटी-बबली” जोड़ी ने Vodrvo कंपनी और TLC 2.0 डिजिटल कॉइन के नाम पर हर महीने 5-6% मुनाफा देने का लालच देकर लोगों को ठगा। पैसे Captor Money Solution Private Limited के बैंक खाते में जमा कराए गए। बैकुण्ठ कुमार ने 54.60 लाख और गुफरान ने 37 लाख रुपये गंवाए। कुल सात पीड़ितों से 1.08 करोड़ रुपये ठगे गए।शुरुआत में कुछ ब्याज मिलने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। जब पीड़ित पैसे वापस मांगते थे तो जान से मारने की धमकियां दी जाती थीं। यह ठगों का सबसे गंदा और क्रूर खेल बताया जा रहा है। Botbro और TLC 2.0 पर हजारों करोड़ की ठगी का आरोपराहुल सिंह चौहान और शिल्पी सिंह पर Botbro और TLC 2.0 स्कीम के जरिए देशभर में हजारों करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है।
राहुल सिंह चौहान खुद को BJP कार्यकर्ता और समाजसेवी बताते हुए नेताओं को महंगे गिफ्ट्स देकर अपनी छवि चमकाने की कोशिश कर रहे थे। गोंडा के सांसद बृजभूषण शरण सिंह और उनके बेटे विधायक प्रत्येक भूषण सिंह की छवि का इस्तेमाल कर क्षेत्र के गरीबों पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही थी। CM योगी तक पहुंचा मामला
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद गोंडा में यह बड़ा घोटाला सामने आया है। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच चुका है, लेकिन “बंटी-बबली” जोड़ी अभी तक गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रही है। कर्नलगंज थाने में दर्ज FIR उनके पतन की शुरुआत मानी जा रही है।पीड़ितों का कहना है कि न तो पैसा वापस मिल रहा है और न ही न्याय। क्रिप्टोकरंसी के नाम पर हो रही इस ठगी को आतंकवाद, मनी लॉन्ड्रिंग और गंभीर आर्थिक अपराधों से जोड़ा जा रहा है।गोंडा पुलिस, ED और STF से अपेक्षा की जा रही है कि वे इस मामले में तुरंत सख्त कार्रवाई करें और “बंटी-बबली” जोड़ी जैसे खतरनाक ठगों को बिना किसी राजनीतिक संरक्षण के गिरफ्तार करें।

